Monday, June 30, 2014

[rti4empowerment] लखनऊ में होगा 'मदारी और बंदर' का खेल

 

http://abpnews.abplive.in/ind/2014/06/27/article351717.ece/%E0%A4%B2%E0%A4%96%E0%A4%A8%E0%A4%8A-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-#.U7Bj-0Bu_Fw 
You are here: Home > भारत 

 लखनऊ में होगा 'मदारी और बंदर' का खेल

By  एजेंसी 

शुक्रवार, २७ जून २०१४ ०८:४८ पूर्वाह्न 

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में आरटीआई कार्यकर्ताओं पर लगातार हो रहे हमलों और उत्पीड़न के खिलाफ 30 जुलाई को 'नेशनल व्हिसिलब्लोवर्स डे' पर राजधानी लखनऊ में देश के विभिन्न हिस्सों से आए आरटीआई कार्यकर्ता और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग नुक्कड़ नाटक 'मदारी और बंदर' के माध्यम से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे. अपनी तरह के इस बेहद अलग प्रदर्शन की आयोजक और आरटीआई कार्यकर्ता उर्वशी शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा राजनेताओं के इशारों पर कार्य करके निर्दोष जनता को निरंतर प्रताड़ित किया जा रहा है. प्रदेश में अनगिनत आरटीआई कार्यकर्ता या तो मारे जा रहे हैं या उनको भांति-भांति से प्रताड़ित किया जा रहा है.
 
उर्वशी ने कहा कि निंदनीय कृत्यों में प्रशासन और पुलिस प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संलिप्त है. ऐसे में हमने देश के समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों का आह्वान करते हुए 'येश्वर्याज सेवा संस्थान' के बैनर तले 30 जुलाई को राजधानी लखनऊ में 'नेशनल व्हिसिलब्लोवर्स डे' मनाने एवं 'मदारी और बंदर' नाटक के माध्यम से हजरतगंज जीपीओ के निकट स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा के सामने शांतिपूर्ण प्रतीकात्मक प्रदर्शन करने का फैसला किया है.

उर्वशी ने कहा कि विगत कुछ वर्षो में उत्तर प्रदेश में कानून के राज का निरंतर ह्रास हुआ है. प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा राजनेताओं के इशारों पर कार्य करके निर्दोष जनता को प्रताड़ित करने के मामले आम हो गए हैं.

उन्होंने कहा कि आज का प्रशासनिक और पुलिस तंत्र भ्रष्टाचारियों और सत्तासीनों के अलावा समाज के किसी भी वर्ग के हित को संरक्षित रखने के लिए बिल्कुल भी तत्पर नहीं हैं. सही मायने में आज का प्रशासनिक और पुलिस तंत्र राजनेताओं को अपना मदारी मान चुका है और उनके इशारों पर बंदर की तरह नाच रहा है, जिसकी परिणति समाज के 'सचेतकों' की हत्याओं और प्रताड़नाओं के रूप में सामने आ रही है.

उर्वशी ने कहा, "हम प्रशासनिक और पुलिस तंत्र को आईना दिखाएंगे और उनकी सो चुकी अंतरात्मा को झकझोरने का प्रयास करेंगे."

__._,_.___

Posted by: urvashi sharma <rtimahilamanchup@yahoo.co.in>
Reply via web post Reply to sender Reply to group Start a New Topic Messages in this topic (1)

.

__,_._,___

No comments:

Post a Comment