Wednesday, January 6, 2016

[rti4empowerment] UP RTI rules 2015

 

Dear all,
UP RTI rules 2015 are finally out and are available at https://www.docdroid.net/kfmuE5e/up-rti-rules-2015.pdf.html
 Get these complete rules with this mail of mine at  http://docdro.id/kfmuE5e  also.
As U all are aware that our organization YAISHWARYAJ is meeting with UP Governor Sri Ram Naik ji on coming 11-01-16 at his residence in Lucknow  to have a discussion over these rules also so U are requested to send your views on these anti-RTI rules to me upto or before 10-01-16 so that I should include your valuable views in our discussion with UP Governor.
We have decided to file a PIL in Lucknow bench of Allahabad High Court to oppose these rules so please send your views and analysis on these rules to us so that we should be able to oppose these in optimal way  in our meeting with UP Governor and also in High Court through the PIL Route.
Please send UR suggestions/analysis at upcpri@gmail.com  and rtimahilamanchup@gmail.com .
pls. do send ur suggestions positively to help save RTI in UP.
Urvashi Sharma
Mobile 9369613513
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[rti4empowerment] सूचना का अधिकार बचाओ अभियान उत्तर प्रदेश ( यूपीसीपीआरआई ) ने दिया आरटीआई कार्यकर्ताओं के आगामी 09 जनवरी के लखनऊ धरने को समर्थन.

 

मैंने वर्ष 2011 में Uttar Pradesh Campaign to Protect RTI ( UPCPRI ) की स्थापना उत्तर प्रदेश के आरटीआई आवेदकों को जनसूचना अधिकारियों,अपीलीय अधिकारियों,राजनेताओं और सूचना आयुक्तों के उत्पीडन से बचाने के लिए की थी. उस समय से अब तक सूचना का अधिकार बचाओ अभियान उत्तर प्रदेश ( यूपीसीपीआरआई ) आरटीआई आवेदकों के हितों को संरक्षित करने के लिए कई बार सड़कों पर आया है.


एक बार फिर यूपी के आरटीआई आवेदक उद्देलित हैं और आगामी 09 जनवरी को यूपी की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज जीपीओ के पास महात्मा गाँधी पार्क में सूचना आयुक्तों के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर अपनी व्यथा का सार्वजनिक प्रदर्शन करेंगे. हमेशा की तरह UPCPRI इस बार भी आरटीआई आवेदकों के साथ है.


मैं यूपीसीपीआरआई की तरफ से आपसे आग्रह कर रही हूँ कि यदि आप यूपी के किसी भी सूचना आयुक्त के किसी भी व्यवहार से व्यथित हों तो आगामी 9 जनवरी को यूपी की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज जीपीओ के पास महात्मा गाँधी पार्क पहुंचकर अपनी व्यथा हमारे प्रतिनिधि को अवश्य बताएं. हमारा हेल्पलाइन नंबर 8081898081 और 9455553838 है.

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[rti4empowerment] 24city.news-सामाजिक कार्यकर्ता ने कोर्ट में नूतन ठाकुर के खिलाफ दिए सबूत

 


Home » उत्तर प्रदेश » सामाजिक कार्यकर्ता ने कोर्ट में नूतन ठाकुर के खिलाफ दिए सबूत
urvashi-sharma
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर की पत्नी व सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर के खिलाफ आरटीआई एक्टिविस्ट उर्वशी शर्मा द्वारा दर्ज कराए गए मानहानि का केस में वादी ने कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज कराकर सबूत पेश किए।

शिकायत कर्ता उर्वशी ने आज लखनऊ की अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्गेश नंदिनी के समक्ष उपस्थित होकर सीआरपीसी की धारा 200 के तहत अपने बयान दर्ज कराकर अदालत को नूतन के अपराध के सबूत दे दिए हैं। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्गेश नंदिनी ने मामले में सीआरपीसी की धारा 202 के तहत गवाह के बयान के लिए 30 जनवरी की तिथि निश्चित की है।

गौरतलब है कि आरटीआई एक्टिविस्ट उर्वशी शर्मा ने नूतन पर कानूनी नोटिस भेजकर उनकी व संस्था येश्वर्याज की मानहानि करने का आरोप लगाया था।

उर्वशी ने बताया कि बीते 05 नवम्बर को अमिताभ व उनकी पत्नी नूतन के विरुद्ध हाईकोर्ट इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ में एक पीआईएल दायर की थी। पीआईएल खारिज होने के बाद नूतन ने मीडिया के माध्यम से उनपर पर पीआइएल यूपी के खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के इशारों पर दायर किये जाने का आधारहीन आरोप लगाया था। जिसके चलते नूतन से साक्ष्य की मांग की गयी थी।

सबूत न देने की स्थिति में नूतन के खिलाफ कानूनी कार्यवाही किये जाने की बात भी इस नोटिस में कही गयी थी। उर्वशी के अधिवक्ता त्रिभुवन कुमार गुप्ता ने नूतन ठाकुर की तरफ से कोई जबाब न आने पर उर्वशी की ओर से मुकदमा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था।

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Saturday, January 2, 2016

[rti4empowerment] उर्वशी शर्मा ने दर्ज कराया नूतन ठाकुर के खिलाफ मानहानि का मुकद्दमा l

 


Urvashi Sharma,through her counsel Tribhuvan Kumar Gupta, gets a criminal case registered against Nutan Thakur W/O suspended IPS Amitabh Thakur U/S 499,500,501 & 502 IPC as Nutan fails to provide evidences for her defamatory remarks against activist Urvashi Sharma & her NGO YAISHWARYAJ. 

उर्वशी शर्मा और एनजीओ येश्वर्याज पर मानहानिकारक कमेंट्स करने के लिए निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर पर आईपीसी की धारा 499,500,501 और 502 में अधिवक्ता त्रिभुवन कुमार गुप्ता के मार्फत उर्वशी ने दर्ज कराया है मुकद्दमा ।


लखनऊ /02 जनवरी 2016/ लखनऊ की सामजिक कार्यकत्री उर्वशी शर्मा ने आज शनिवार को उत्तर प्रदेश के निलंबित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की पत्नी और सामाजिक कार्यकत्री नूतन ठाकुर के खिलाफ अधिवक्ता त्रिभुवन कुमार गुप्ता के मार्फत मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है । उर्वशी ने लखनऊ की जुडिशिअल मजिस्ट्रेट दुर्गेश नंदिनी के समक्ष यह शिकायत दर्ज कराई है। अदालत ने  उर्वशी का मुकदमा दर्ज कर लिया है और इस मामले में उर्वशी का बयान 05 जनवरी मंगलवार को दर्ज होगा। उर्वशी ने नूतन पर आईपीसी की धारा 499,500,501 और 502  में मानहानि करने वाला अपराध बताते हुए कार्यवाही की प्रार्थना की है।


बताते चलें कि लखनऊ स्थित सामाजिक संगठन येश्वर्याज सेवा संस्थान की सचिव, सामाजिक कार्यकत्री और आरटीआई एक्टिविस्ट उर्वशी शर्मा ने यूपी के निलंबित चल रहे आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की पत्नी सामाजिक कार्यकत्री और आरटीआई एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर को इससे पहले हाई कोर्ट के अधिवक्ता त्रिभुवन कुमार गुप्ता के माध्यम  से कानूनी नोटिस भेजकर नूतन पर कायराना एवं दूषित मानसिकता के तहत उनकी व उनकी संस्था येश्वर्याज की मानहानि करने का आरोप लगाया था ।


उर्वशी ने बताया कि उन्होंने बीते 5 नवम्बर को सामाजिक संस्था येश्वर्याज की  सचिव की हैसियत से हाई कोर्ट इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ में एक पी.आई.एल. दायर करके न्यायालय से यूपी के निलंबित आईपीएस अमिताभ  ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर के विरुद्ध लंबित रेप और धोखाधड़ी की तथा अमिताभ  ठाकुर के विरुद्ध भ्रष्टाचार की एफ.आई.आर. की त्वरित विवेचना कराने के साथ साथ लोकायुक्त द्वारा अमिताभ ठाकुर के विरुद्ध की गयी जांच की अनुशंषाओं पर त्वरित कार्यवाही हेतु उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश देने का आग्रह किया था । इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने बीते 16 नवम्बर को येश्वर्याज की इस पीआइएल में किसी भी प्रकार का जनहित का मुद्दा नहीं बताते हुए इसे खारिज कर दिया था ।

उर्वशी ने बताया कि पीआईएल खारिज होने के बाद नूतन ठाकुर ने समाचार पत्रों के माध्यम से उन पर और उनकी संस्था येश्वर्याज पर यह पीआइएल यूपी के खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के इशारों पर दायर किये जाने का गलत और झूंठा और आधारहीन आरोप लगाया था ।


बकौल उर्वशी येश्वर्याज संस्था ने 2011-12 में पंजीकरण के बाद से आज तक किसी भी सरकारी या प्राइवेट संस्थान से किसी भी प्रकार की कोई भी मदद नहीं ली है और इसीलिये नूतन ठाकुर द्वारा उनकी संस्था पर सूबे के खनन मंत्री से मदद का आरोप लगाने से उनकी व उनके सामाजिक संगठन की घोर अपहानि कारित हुई थी ।


उर्वशी ने इस नोटिस के माध्यम से नूतन पर येश्वर्याज के प्रति दुर्भावना का आरोप लगाया था  और नूतन ठाकुर को 15 दिन का समय देते हुए नूतन के 'गायत्री के इशारों पर पीआइएल किये जाने' संबंधी वक्तव्य के सम्बन्ध में ठोस साक्ष्य एवं सबूतों की मांग की गयी थे । नूतन द्वारा सबूत न देने की स्थिति में नूतन के खिलाफ कानूनी कार्यवाही किये जाने की बात भी इस नोटिस में कही गयी  थी ।


उर्वशी के अधिवक्ता त्रिभुवन कुमार गुप्ता ने बताया कि नूतन ठाकुर की तरफ से कोई जबाब न आने पर आज उन्होंने वादिनी उर्वशी की ओर से यह मुकद्दमा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है  

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